सेवा का अर्थ (sewa meaning )

सेवा का अर्थ ??
# सेवा ज़ोर,ज़बरदस्ती, व् अहंकार से नहीं बल्कि प्रेम,आस्था और शान्ति से करनी चाहिए
# सेवा स्वार्थ के लिए नहीं परमार्थ के लिए करनी चाहिए
# सेवा के पश्चात किसी भी फल को अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए
# सेवा में कोई भी ऊंचा या नीचा नहीं होता
# सेवा की कभी तुलना नहीं करनी चाहिए

# सेवा का कभी अहंकार नहीं करना चाहिए
# सेवा कभी अच्छी या बुरी नहीं होती सेवा तो बस सेवा होती है
# मौका देखके सेवा करने से अच्छा है।सेवा करने के मौके ढूंढो,
याद रखें हमे गुरु सेवा इसलिए बख्शते है ताकि हम और बेहतर इंसान बने। हमें भी उस मालिक को दिल में रखते हुए निष्काम व निस्वार्थ सेवा करनी चाहिए ,ताकि मालिक की दया और मेहर हम पे बनी रहे ।।।

Updated: January 22, 2017 — 12:16 pm
Vijay patel says:

Radha Soami hi I have getting namdan since December 2003 but till not any progress in dhyan

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