एक सेवादार के लक्षण

एक सेवादार के लक्षण ???
1, सेवादार का ध्यान सिर्फ अपनी सेवा की तरफ होता है।चाहे सेवा बडी हो या छोटी, कुर्सी पर बैठने की हो या जमीन पर
वो खुशी से सेवा करता है ??
2, सेवादार को विनम्र और मीठे स्वभाव का होना चाहिए । सेवा करते या करवाते समय वह अपना दबदबा या रौब दिखाने की कोशिश न करे।
हाथ जोड कर विनम्रता से की गई सेवा से दूसरे भी प्रेरणा प्राप्त करते है और सेवक को सतगुरु की खुशी हासिल होती है।
3 , सेवादार को अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए ।अगर किसी दूसरे की गलती पर उसे गुस्सा आ भी जाए तो जल्दी ही माफी माँग लेनी चाहिए, क्योंकि सेवा तो हमेशा दूसरों की खुशी के लिए की जाती है।अगर हमने किसी का भी दिल दुखा दिया तो फायदे की जगह नुकसान ही होगा जी।
4, सेवा करते समय कोई दूसरा हमारे ऊपर गुस्सा करे, तब भी उस की गलती तुरन्त माफ कर देनी चाहिए क्योंकि अगर हम मालिक से माफी चाहते हैं, तो हम भी माफ करना सीखें।
सतगुरु अगर हमारी गलतियाँ देखते तो, हमें कभी सेवा का मौका ही न देते।

5, किसी भी सेवादार के मन में ये अहँकार नहीं होना चाहिए कि मै ही सब से बडी सेवा कर रहा/रही हूं
6, असली सेवादार कभी भी किसी से कोई भेदभाव नहीं करता।
कौन अपना कौन पराया, सभी सतगुरु के बच्चे हैं जी ।
?अगर हम किसी से भी अपना� कोई काम करवाते हैं तो, उस के बदले में उसे पूरी मजदूरी देते हैं ।
तो ज़रा सोचो तो सही ???
जगत मजूरी देत है तो क्यों राखैगा राम ?
वह निराकार परमात्मा या उसके साकार रूप में सतगुरु अपने सेवकों को जी भर के खुशियाँ बख़्शेंगे जी
?राधा स्वामी जी?*

Updated: December 26, 2017 — 8:15 pm
Radha Soami Satsang Beas (RSSB Satsang) © 2019 RssbSatsang.com
error: Content is protected !!