Category: Real Story

Lalch Buri Bula Story

लालच बुरी बला है :- एक शहर में एक आदमी रहता था। वह बहुत ही लालची था। उसने सुन रखा था की अगर संतो और साधुओं की सेवा करे तो बहुत ज्यादा धन प्राप्त होता है। यह सोच कर उसने साधू-संतो की सेवा करनी प्रारम्भ कर दी। एक बार उसके घर बड़े ही चमत्कारी संत […]

hamesha ki tarah simran karte raho …

हमेशा की तरह सिमरन करते हुए अपने कार्य में तत्लीन रहने वाले भक्त रविदास जी आज भी अपने जूती गांठने के कार्य में ततलीन थे अरे,,मेरी जूती थोड़ी टूट गई है,,इसे गाँठ दो,,राह गुजरते एक पथिक ने भगत रविदास जी से थोड़ा दूर खड़े हो कर कहा आप कहाँ जा रहे हैं श्रीमान? भगत जी […]

Maa ki icha kya hoti hai read kare …..

*माँ की इच्छा* _महीने बीत जाते हैं ,_ _साल गुजर जाता है ,_ _वृद्धाश्रम की सीढ़ियों पर ,_ _मैं तेरी राह देखती हूँ।_ _आँचल भीग जाता है ,_ _मन खाली खाली रहता है ,_ _तू कभी नहीं आता ,_ _तेरा मनि आर्डर आता है।_ _इस बार पैसे न भेज ,_ _तू खुद आ जा ,_ […]

Ek gareeb admi ki Story

एक गरीब-सा दिखने वाला व्यक्ति किसी अनजान शहर में पहुंचा, उस वक्त तक रात घिर चुकी थी।पूछने पर पता चला कि वहां एक सराय है, जहां उसे ठहरने को जगह मिल सकती है।वह सराय में पहुंचा और कमरे के बारे में पूछा।व्यवस्थापक ने उसके मैले-कुचैले वस्त्र देख उसे कोने में एक छोटा-सा कमरा ठहरने के […]

Hamara Satsang Ghar ….

*हमारा सतसंग घर* *कितना सुकुन मिला, सतसंग वाले दिन, जब हम सत्संग शुरू होने से 25 मिनट पहले जाकर, पंडाल में बैठ गए, पाठी शब्द पङ रहा था, संगत भी लगातार आ रही थी, पंडाल में बैठे जब हम चारों तरफ देखा तो, तो हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है, शांत वातावरण, बूक्षों पर बैठे […]

बड़े महाराज जी ने एक सत्संग में सुनाई

ये कहानी एक सत्संगी ने भेजी है, बड़े महाराज जी ने एक सत्संग में सुनाई एक बादशाह था, वह जब नमाज़ के लिए मस्जिद जाता, तो 2 फ़क़ीर उसके दाएं और बाएं बैठा करते! दाईं तरफ़ वाला कहता: “या अल्लाह! तूने बादशाह को बहुत कुछ दिया है, मुझे भी दे दे!” बाईं तरफ़ वाला कहता: […]

Ek gareeb admi ki kahani

ek baar ek bahut hi gareeb aadmi tha. wo rozana sewa pe jaata tha. uski gaav mein ek choti si shop thi.. uske sewa par jaane se uske ghar wale bahut gusse hote. aur ghar mein aksar ladai hoti rehti thi. ghar ka gujara bahut mushkil chalta tha. tabhi use pata chala ki uske gaav […]

नामदान की बख्शीस…

नामदान की बख्शीस… (Naamdhan Ki Baksees) जब गुरु का आप पर हाथ आ गया…’नामदान’ की बख्शीस हो गयी…आपका सब स्वार्थ परमार्थ की सम्भाल वो करता है…तो जरूरत एक ही है…उसकी दी हुई ड्यूटी पूरी करने की…जी सही समझे……….!!!!*भजन सिमरन*हमारी बुद्धि अभी छोटी है…हर बात में फायदा नुकसान देखती है…तो एक बार भजन सिमरन में तबियत […]

Ek satsangi ki Story

गुरु ने सारी संगत से पूछा -” बताओ , कौन कौन सचखंड देखना चाहता है ? जो चाहता है वो हाथ खड़ा करे ” । तो सारी संगत ने हाथ खड़े कर दिए । लेकिन एक प्रेमी ने हाथ खड़ा नहीं किया । गुरु जी ने पूछा ,” तुमको सचखंड नहीं देखना ” ? तो […]

Jese karni wese Brni Story

इँसान जैसा करता है कुदरत या भगवान उसे वैसा ही उसे लौटा देता है l एक बार द्रोपदी सुबह तड़के स्नान करने यमुना घाट पर गयी भोर का समय था तभी उसका ध्यान सहज ही एक साधु की ओर गया जिसके शरीर पर मात्र एक लँगोटी थी l साधु स्नान के पश्चात अपनी दुसरी लँगोटी […]

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