Category: Beautiful Lines

Bahut he achi lines read and share

कदम रुक गए जब पहुंचे हम “रिश्तो” के बाज़ार में.. ✳बिक रहे थे रिश्ते, खुले आम व्यापार में.. ✳कांपते होठों से मैंने पूँछा, “क्या “भाव’ है भाई इन रिश्तों का..?” ✳ दुकानदार बोला:- ✳ “कौन सा लोगे..? ✳ बेटे का ..या बाप का..? ✳ बहिन का..या भाई का..? ✳ बोलो कौन सा चाहिए..? ✳ इंसानियत […]

जब भी आप सत्संग सुनकर बाहर आते हो

जब भी आप सत्संग सुनकर बाहर आते हो तो कुछ समय के लिए सिर्फ गुरु का ही ध्यान करें हो सके तो किसी से भी बात न करें। क्योंकि जब भी आप सत्संग सुनकर बाहर निकलते हो तब आपमें एक energy होती है। एक ऊर्जा होती है जो आपमें Save हो रही होती है। लेकिन […]

Radha Soami Satsang Beas (RSSB Satsang) © 2019 RssbSatsang.com
error: Content is protected !!