Home / Beautiful Lines / 10 Beautiful Lines by Baba ji (Satsang)

10 Beautiful Lines by Baba ji (Satsang)

परमात्मा अपने आपको हमारे जरिये पूजता है ।
* दिखावटी नम्रता नकली आभूषणो के सामान है ।
* जब मालिक एक है। वह हमारे अंदर है,और उसने हम सबको एक सा बनाया है तो स्वाभाविक हे उस तक पहुचने का मार्ग अलग अलग लोगो के लिए अलग अलग नहीं हो सकता । निश्चित ही वह भी एकहै ।
* जब वह हमारे अंदर है,तोह हम दूसरो को धोखा दे सकते है ,अपने आप तक को धोखा दे सकते है,लेकिन उससे कुछ नहीं छिपा सकते ।
* धन वरदान भी है और अभिशाप भी।
* जबान का वार तलवार के वार से गहरा होता है ।
* दूसरो को परखने से पहले हमें चाहिए की अपने आपको परखे ।
* विश्वास तर्क की दुनिया से दूर है ।
* हमारे आलोचक ही हमारे सबसे अछे मार्गदर्शक है ।
* अपने लफ्ज़ो की ताकत बनाये रखना चाहते है तो कम बोलो ।
* हृदय के घावों की अचूक दवा है प्रेम और क्षमा ।

* प्रेम का दिखावा ,प्रेम की गहराई को नष्ट केर देता है ।
* प्रेम का दिखावा करना ,नकली फूलो का प्रदर्शन करना है ।
* प्रेम के सामने मार्ग की सब बाधाएँ दूर हो जाती है ।
* प्रेम की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती ।
* शिक्षक बनना सरल है,शिष्य बनना कठिन ।
* एकांत हमारा स्वर्वोत्तम साथी है ।
* हास्य रहित जीवन ,आत्मा रहित शरीर के सामान है ।
* जब मे अकेला होता हूँ ,अपने खुद केसाथ होता हूँ ।
* चरित्रहीन मनुष्य ,सुगन्धहीन पुष्प के सामान है ।
* हमारी हर असफलता ,सफलता की और एक कदम है ।
* मालिक जानता है कि हमारे लिए क्या बेहतर है ।
गुरू प्यारी साध संगत जी और सभी सतसंगी भाई बहनों और दोस्तों को हाथ जोड़ कर प्यार भरी राधा सवामी जी…

error: Content is protected !!